मौत के बाद क्या होता है? यह सवाल सदा उठाया जाता रहा है और मानव मन के लिए यह सदा से जिज्ञासा का विषय रहा है. लेकिन रोचक तथ्य यह है कि इस सवाल का साफ और सटीक जवाब आज तक नहीं दिया जा सका है. मृत्यु के बाद क्या होता है, इसका जवाब चाहे हम अभी न दे सकें, पर कुछ देर मृत रहकर फिर चेतना प्राप्त करने वालों ने इस रहस्य भरे प्रश्न का उत्तर अपने-अपने ढंग से दिया है. फ्रांस के एक डॉक्टर डेलाकौर ने इसी रोचक प्रश्न को अपने अनुसंधान का विषय बनाया. उन्होंने मौत के पहले पड़ाव से लौटने वाले रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की मन:स्थिति और उसकी मौत के पहले चरण की अनुभूतियों का गहरा अध्ययन, मनन और विश्लेषण किया. अपने अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में उन्होंने प्रकाशित किया है.
1.....डेलाकौर ने जिन व्यक्तियों को अपने अनुसंधान का विषय बनाया, वे कोई अंधविासी नहीं थे, बल्कि विभिन्न वर्गों से संबंधित स्वस्थ मस्तिष्क के लोग थे. फ्रांस के अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभिनेता डेनियल जीनत डॉक्टर डेलाकौर से इलाज करा रहे थे. आज से कोई 45 वर्ष पूर्व उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. उन्हें अस्पताल ले जाने में अधिक समय लग गया था. जब डेनियल को ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर उनके शरीर के साथ दिल की धड़कन रिकॉर्ड करने वाली मशीन लगाई गई, तो मशीन की सुई अपनी जगह पर स्थिर रही. इसका साफ अर्थ था कि डेनियल की हृदयगति रुक चुकी थी.
इसके बाद क्या हुआ, इसका विवरण खुद डेनियल के शब्द में प्रस्तुत है- ‘मुझे ऐसा लगा कि मैंने कमरे में तैरना शुरू कर दिया है. एक डॉक्टर मुझ पर झुका, फिर उसने गहरी सांस ली और पीठ मोड़कर चला गया. इसके बाद एक सहायक डॉक्टर ने मुझे पूरी तरह चादर से ढक दिया. मैं उस समय बराबर चिल्ला रहा था, मुझे लग रहा था कि मेरी आवाज किसी तक पहुंच ही नहीं रही है. कुछ देर मैं बहुत भयभीत रहा, ले किन उसके बाद मैंने भय का अनुभव करना बंद कर दिया.
डेनियल ने आगे बताया- ‘इसके बाद मैंने देखा कि मेरी मां और पिता वहां आए. उन्हें देखकर मैं अत्यधिक खुशी से भर उठा. इसके बाद मेरी मां मुझे ऐसे बाग में ले गई जो रंगारंग फूलों से महक रहा था. वहां उस समय चारों ओर बच्चे ही बच्चे थे. वे सब खेलकूद रहे थे. तभी मेरी मां ने मुझे कहा- ‘देखो , तुम्हारा बेटा पास्कल वहां खेल रहा है और वह किस कदर मजे में है. सचमुच मैंने वहां पास्कल को दूसरे बच्चों के साथ मजे से खेलते देखा.’ यहां यह बात बता देना जरूरी है कि डेनियल के इस दिल के दौरे से कुछ वर्ष पहले उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी. इसके कुछ ही समय पहले उसका नन्हा बेटा पास्कल भी मर चुका था.
डेनियल ने मृत्यु के बाद के अपने इस हैरतअंगेज अनुभव के अंत में कहा- ‘मेरी मां फिर मेरे पास आयी और मुझे थपथपाकर कहने लगी कि डेनियल, अब तुम लौट जाओ, जिंदगी तुम्हारा इंतजार कर रही है. इसके बाद ही मैं यहां लौट आया.
2......बिल्कुल इसी समय ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर एक और ही अनुभव प्राप्त कर रहे थे. उन्होंने देखा कि डेनियल के दिल की धड़कन रिकॉर्ड करने के लिए मशीन की सुई एकाएक हरकत में आ गयी है और डेनियल के चेहरे पर भयानक पीड़ा और चेतना के चिन्ह लक्षित होने लगे थे. सहसा उसने अपनी आंखें खोलीं और उसे महसूस होने लगा कि वह अभी जीवित है. इस प्रकार दिल का दौरा पड़ने के बाद से दोबारा आंख खोलने के बीच उसने जो सफर तय किया, उस दौरान वह अपने मर चुके माता-पिता और नन्हे बच्चे से मिल आया.
अमेरिका के मशहूर डॉक्टर बेन रॉर्बट्स ने भी इसी विषय पर काफी जानकारी इकट्ठी की. उन्होंने कहा है कि मर रहे व्यक्तियों के करीब खड़े होने पर कई बार यह देखा गया है कि मृतप्राय व्यक्ति अंतिम सांस लेने से पहले अपने किसी मृत रिश्तेदार या बेहद करीबी से बात कर रहा है. कभी-कभी वह किसी अनजाने प्राकृतिक दृश्य का वर्णन करता भी पाया गया है. यह सब उनके बड़बड़ाने या फुसफुसाने के रूप में ले लिया जाता है.
3.....डॉ. रॉर्बट्स ने ग्रीस के किंगपाल के जीवन से संबंधित बेहद रोचक किस्सा बतलाया, जो इस प्रकार है- किंगपाल एक बीमारी के दौरान काफी देर अचेत रहे. अपनी अचेतनावस्था के बाद जब वे होश में आये, तो आंखें खोलने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को बड़ा ही रोमांचक अनुभव सुनाया. उन्होंने बतलाया- ‘मैं अभी महसूस कर रहा था कि मैं दूर किसी किनारे पर खड़ा हूं. मैंने वहां देखा कि मेरे आगे काफी बड़ी काली सड़क है, जिसके अंत में एक प्रकाशपुंज दिखायी दे रहा है.’
यह सब किंगपाल ने अपनी अचेतावस्था के दौरान महसूस किया.
4... इसी सिलसिले में दस वर्षीय एक बच्चे हैंस का अनुभव भी उल्लेखनीय है. उसके साथ बीती घटना इस प्रकार है- हैंस एक दीवार के नीचे आकर बुरी तरह घायल हो गया था. डॉक्टर इस बच्चे को चेतना शून्य और मृत मान चुके थे. इसकी चेतना फिर अपने आप लौट आई. होश आने पर उसने अपना अनुभव सुनाया- ‘मैं उस दुनिया में दोबारा गया. मैं वहां बहुत खुशी महसूस कर रहा था. वहां खेल रहे बच्चों के साथ मैं और भी खेलना चाहता था, लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि मेरे पास समय नहीं है कि मैं उनके साथ खेल सकूं. उन्होंने कहा कि मुझे वापस जाना होगा और मैं वापस आ गया.’
मौत की घाटी का यह छोटा-सा सफर हमेशा खुशगवार और शांतिदायक ही होता है, ऐसी बात नहीं है.
5.....ऐसी स्थिति से गुजरने वाले कुछ व्यक्तियों को यह सफर अत्यधिक भयानक भी लगा. जैसे कुछ डरावने साये उन्हें दबोचने के लिए आगे बढ़े और उन्हें उन सायों की पकड़ से निकलने के लिए गहरा संघर्ष करना पड़ा. ऐसा कटु अनुभव प्रसिद्ध फ्रांसीसी नर्तकी बैनी चैरत का है. वह टीवी पर अपना नृत्य पेश कर रही थीं कि स्टूडियो में अचानक आग लग गई, जिसमें चैरत बुरी तरह झुलस गई.
अचेत अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. कुछ मिनटों के बाद उनकी धड़कन बंद हो गयी, हालांकि उनके उपचार के लिए डॉक्टर लगे हुए थे. कुछ समय बाद उनके दिल की धड़कन अपने आप फिर शुरू हो गयी. उन्हें फिर होश आ गया. ठीक होने पर चैरत ने डॉक्टरों को बताया- ‘अचेतन अवस्था में मुझे लगा कि मेरा विवाह किसी अजनबी से हो रहा है. उस अजनबी का नाम ‘माइकल’ पुकारा गया.’
अपने डॉक्टर को इतना बताकर चैरत खामोश हो गयी, क्योंकि वह विवाहित थीं और तब तक उनके पति वहां आ गये थे. लेकिन यह घटना भविष्य में सच साबित हुई. ठीक चार वर्ष बाद 1968 में चैरत ने दूसरी शादी की. उनके पति का नाम माइकल था. पति की शक्ल- सूरत बिल्कुल उस व्यक्ति से मिलती-जुलती थी, जिसे चैरत ने आग में जलने के बाद अचेतन अवस्था में देखा था. कैसा विचित्र संयोग था वह?
‘मुझे ऐसा लगा कि मैंने कमरे में तैरना शुरू कर दिया है. एक डॉक्टर मुझ पर झुका, फिर उसने गहरी सांस ली और पीठ मोड़कर चला गया.'
1.....डेलाकौर ने जिन व्यक्तियों को अपने अनुसंधान का विषय बनाया, वे कोई अंधविासी नहीं थे, बल्कि विभिन्न वर्गों से संबंधित स्वस्थ मस्तिष्क के लोग थे. फ्रांस के अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभिनेता डेनियल जीनत डॉक्टर डेलाकौर से इलाज करा रहे थे. आज से कोई 45 वर्ष पूर्व उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. उन्हें अस्पताल ले जाने में अधिक समय लग गया था. जब डेनियल को ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर उनके शरीर के साथ दिल की धड़कन रिकॉर्ड करने वाली मशीन लगाई गई, तो मशीन की सुई अपनी जगह पर स्थिर रही. इसका साफ अर्थ था कि डेनियल की हृदयगति रुक चुकी थी.
इसके बाद क्या हुआ, इसका विवरण खुद डेनियल के शब्द में प्रस्तुत है- ‘मुझे ऐसा लगा कि मैंने कमरे में तैरना शुरू कर दिया है. एक डॉक्टर मुझ पर झुका, फिर उसने गहरी सांस ली और पीठ मोड़कर चला गया. इसके बाद एक सहायक डॉक्टर ने मुझे पूरी तरह चादर से ढक दिया. मैं उस समय बराबर चिल्ला रहा था, मुझे लग रहा था कि मेरी आवाज किसी तक पहुंच ही नहीं रही है. कुछ देर मैं बहुत भयभीत रहा, ले किन उसके बाद मैंने भय का अनुभव करना बंद कर दिया.
डेनियल ने आगे बताया- ‘इसके बाद मैंने देखा कि मेरी मां और पिता वहां आए. उन्हें देखकर मैं अत्यधिक खुशी से भर उठा. इसके बाद मेरी मां मुझे ऐसे बाग में ले गई जो रंगारंग फूलों से महक रहा था. वहां उस समय चारों ओर बच्चे ही बच्चे थे. वे सब खेलकूद रहे थे. तभी मेरी मां ने मुझे कहा- ‘देखो , तुम्हारा बेटा पास्कल वहां खेल रहा है और वह किस कदर मजे में है. सचमुच मैंने वहां पास्कल को दूसरे बच्चों के साथ मजे से खेलते देखा.’ यहां यह बात बता देना जरूरी है कि डेनियल के इस दिल के दौरे से कुछ वर्ष पहले उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी. इसके कुछ ही समय पहले उसका नन्हा बेटा पास्कल भी मर चुका था.
डेनियल ने मृत्यु के बाद के अपने इस हैरतअंगेज अनुभव के अंत में कहा- ‘मेरी मां फिर मेरे पास आयी और मुझे थपथपाकर कहने लगी कि डेनियल, अब तुम लौट जाओ, जिंदगी तुम्हारा इंतजार कर रही है. इसके बाद ही मैं यहां लौट आया.
2......बिल्कुल इसी समय ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर एक और ही अनुभव प्राप्त कर रहे थे. उन्होंने देखा कि डेनियल के दिल की धड़कन रिकॉर्ड करने के लिए मशीन की सुई एकाएक हरकत में आ गयी है और डेनियल के चेहरे पर भयानक पीड़ा और चेतना के चिन्ह लक्षित होने लगे थे. सहसा उसने अपनी आंखें खोलीं और उसे महसूस होने लगा कि वह अभी जीवित है. इस प्रकार दिल का दौरा पड़ने के बाद से दोबारा आंख खोलने के बीच उसने जो सफर तय किया, उस दौरान वह अपने मर चुके माता-पिता और नन्हे बच्चे से मिल आया.
अमेरिका के मशहूर डॉक्टर बेन रॉर्बट्स ने भी इसी विषय पर काफी जानकारी इकट्ठी की. उन्होंने कहा है कि मर रहे व्यक्तियों के करीब खड़े होने पर कई बार यह देखा गया है कि मृतप्राय व्यक्ति अंतिम सांस लेने से पहले अपने किसी मृत रिश्तेदार या बेहद करीबी से बात कर रहा है. कभी-कभी वह किसी अनजाने प्राकृतिक दृश्य का वर्णन करता भी पाया गया है. यह सब उनके बड़बड़ाने या फुसफुसाने के रूप में ले लिया जाता है.
3.....डॉ. रॉर्बट्स ने ग्रीस के किंगपाल के जीवन से संबंधित बेहद रोचक किस्सा बतलाया, जो इस प्रकार है- किंगपाल एक बीमारी के दौरान काफी देर अचेत रहे. अपनी अचेतनावस्था के बाद जब वे होश में आये, तो आंखें खोलने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को बड़ा ही रोमांचक अनुभव सुनाया. उन्होंने बतलाया- ‘मैं अभी महसूस कर रहा था कि मैं दूर किसी किनारे पर खड़ा हूं. मैंने वहां देखा कि मेरे आगे काफी बड़ी काली सड़क है, जिसके अंत में एक प्रकाशपुंज दिखायी दे रहा है.’
यह सब किंगपाल ने अपनी अचेतावस्था के दौरान महसूस किया.
4... इसी सिलसिले में दस वर्षीय एक बच्चे हैंस का अनुभव भी उल्लेखनीय है. उसके साथ बीती घटना इस प्रकार है- हैंस एक दीवार के नीचे आकर बुरी तरह घायल हो गया था. डॉक्टर इस बच्चे को चेतना शून्य और मृत मान चुके थे. इसकी चेतना फिर अपने आप लौट आई. होश आने पर उसने अपना अनुभव सुनाया- ‘मैं उस दुनिया में दोबारा गया. मैं वहां बहुत खुशी महसूस कर रहा था. वहां खेल रहे बच्चों के साथ मैं और भी खेलना चाहता था, लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि मेरे पास समय नहीं है कि मैं उनके साथ खेल सकूं. उन्होंने कहा कि मुझे वापस जाना होगा और मैं वापस आ गया.’
मौत की घाटी का यह छोटा-सा सफर हमेशा खुशगवार और शांतिदायक ही होता है, ऐसी बात नहीं है.
5.....ऐसी स्थिति से गुजरने वाले कुछ व्यक्तियों को यह सफर अत्यधिक भयानक भी लगा. जैसे कुछ डरावने साये उन्हें दबोचने के लिए आगे बढ़े और उन्हें उन सायों की पकड़ से निकलने के लिए गहरा संघर्ष करना पड़ा. ऐसा कटु अनुभव प्रसिद्ध फ्रांसीसी नर्तकी बैनी चैरत का है. वह टीवी पर अपना नृत्य पेश कर रही थीं कि स्टूडियो में अचानक आग लग गई, जिसमें चैरत बुरी तरह झुलस गई.
अचेत अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. कुछ मिनटों के बाद उनकी धड़कन बंद हो गयी, हालांकि उनके उपचार के लिए डॉक्टर लगे हुए थे. कुछ समय बाद उनके दिल की धड़कन अपने आप फिर शुरू हो गयी. उन्हें फिर होश आ गया. ठीक होने पर चैरत ने डॉक्टरों को बताया- ‘अचेतन अवस्था में मुझे लगा कि मेरा विवाह किसी अजनबी से हो रहा है. उस अजनबी का नाम ‘माइकल’ पुकारा गया.’
अपने डॉक्टर को इतना बताकर चैरत खामोश हो गयी, क्योंकि वह विवाहित थीं और तब तक उनके पति वहां आ गये थे. लेकिन यह घटना भविष्य में सच साबित हुई. ठीक चार वर्ष बाद 1968 में चैरत ने दूसरी शादी की. उनके पति का नाम माइकल था. पति की शक्ल- सूरत बिल्कुल उस व्यक्ति से मिलती-जुलती थी, जिसे चैरत ने आग में जलने के बाद अचेतन अवस्था में देखा था. कैसा विचित्र संयोग था वह?
‘मुझे ऐसा लगा कि मैंने कमरे में तैरना शुरू कर दिया है. एक डॉक्टर मुझ पर झुका, फिर उसने गहरी सांस ली और पीठ मोड़कर चला गया.'
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