Saturday, January 25, 2020

त़प एवं साधना का सम्बन्ध


           त़प एवं साधना का सम्बन्ध मन से होता है,जब हमारे मन में तीव्र जिज्ञासा उठती है तभी साधना साधी जा सकती है,तभी तपस्या भी प्रारम्भ होती है हमारा शरीर तो इन सबका माध्यम मात्र है,शरीर इस पावन कार्य में बाधा बने इसलिए हमें शरीर को स्वस्थ बनाये रखना चाहिए क्यु  की हमारे मन का कहना मानना हमारे इस शरीर का धर्म है,जहाँ तक साधना की बात है उसकी सारी शर्ते एवं विचार मन की गहराइयों में होने चाहिए,अगर हम मन में संसार की लालसाओं को लेकर तपस्या -साधना करना चाहेंगे तो तपस्या -साधना सम्भव नहीं है,,,
         यह लाइने उन सभी भाई बहिनों के लिए हैं जिनके अन्दर साधना के संस्कार है,जो सच्चे मन से साधना के पथ पर चलने के लिए आतुर हैं,और जिनके अन्दर साधना के प्रति लगन एवं निष्ठा गहरी है,
साधना-तपस्या तो एक अविरल धारा है जो हमेशा बहती रहती है,जो जिज्ञासुओं को अपनी ओर आकर्षित करती रहती है,जो इसमें जितना डूबता है उतना ही मगन होता जाता है,अगर हमें इस रह पर चलना है तो प्रचंड वेग से उफनती नदी के बीचों-बीच मजधार में हमें अपने जीवन रुपी किश्ती को झोकना ही पड़ेगा   तपस्या करनी है तो भीषण झंझावातो में निर्भीक होकर हमें इस रह पर चलना ही पड़ेगा ,मन में संसार की  सुखद लालसा एवं लुभावने आकर्षण ओर मनोरम कामनायों को लेकर  हम इस पथ पर नहीं चल सकते,क्युकी संसार के आकर्षण ओर साधना का घालमेल नहीं हो सकता जिसे संसार प्रिय है,उसे यही रहना चाहिए,इसी संसार में ,इसे पाने का प्रयत्न करता रहे,परन्तु संसार को बनाये रखकर अध्यात्म की डगर पर चलने वाले भाई बहनों के हाथो सिर्फ हताशा ही हाथ लगेगी,इससे ओर अधिक नहीं,इसीलिए हम ही लोग अध्यात्म-तपस्या के बारे में बेतुकी बाते करते नज़र आते हैं क्युकी संसार का आकर्षण हम से छूटता नहीं है फिर हम इस रास्ते पर बड़े ही क्यों थे ,अगर हमने अपने कदम इस रास्ते पर बड़ा लिए है तो अविश्वाश कैसा चयन करना भी तो हमारे हाथ में है, हम स्वतंत्र हैं चुनाव करने के लिए,पहले हम अपने आप को समझे,अपने अन्दर झांकें,हमारे अन्दर तो असीम कृपा है परमेस्वर की,कोई बाध्य नहीं कर सकता हमें लेकिन बात तो बने,इस पथ पर चलने की बात बनती ही नहीं इसीलिए हमारे अन्दर  भ्रम बना हुवा है,और भ्रमित मन कहीं नहीं ठहरता,और हमें साधना के लिए अयोग्य  बना देता है,आईये आज ही बड़े इस पथ पर अपने जीवन को स्वर्ग की और ले चले...  

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